- संतसमाज की उपस्थिति में हुआ ध्वजारोहण, सारा दिन चली बाबा जी की चौकी
- बरसी मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
- बरसी मेले के लिए दुल्हन की तरह सजाया गया था पंडाल
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
ब्रह्मलीन महंत शिवगिर की याद में आयोजित 21वां बरसी मेला सिद्ध बाल योगी नाथ के आशीर्वाद के साथ संपन्न हुआ। बरसी मेले का आयोजन महंत श्रीश्रीश्री 1008 राजेंद्र गिर महाराज के आवास परिसर में प्रति वर्ष की भांति 19 फरवरी को धूमधाम से मनाया गया। बरसी मेले में देश-विदेश से असंख्या श्रद्धालु यहां पंहुचे थे। संत समाज इस भव्य बरसी मेले के आयोजन का गवाह बना है। इस भव्य आयोजन का श्रीगणेश बुधबार को सुबह संत समाज की उपस्तिथि मे 10 बजे ध्वजारोहण के साथ हुआ। सुबह 10 बजे से लेकर सायं 5 बजे तक लगातार बाबा जी के गुणगान में चौकियों का आयोजन किया गया। इसमें लगातार महंत श्रीश्रीश्री 1008 राजेंद्र गिर महाराज के आशीर्वाद के बीच उमड़ा श्रद्धालुओं का समूह श्रद्धा और आस्था के साथ सराबोर रहा। बरसी मेले के लिए महंत आवास सहित आस पास के क्षेत्र को दुल्हन की तरह सजाया गया था, सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक पंजाब व हिमाचल के प्रसिद्ध गायकों ने बाबा की चौकी में गुणगान कर उपस्थित भक्तों को निहाल किया। इस दौरान महंत प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अटूट लंगर से लेकर चाय, काफी, पानी, व अन्य खादय पदार्थो के स्टाल लगाकर सेवा भी की। दियोटसिद्ध नगरी में सारा दिन पवित्र गुफा के दर्शनों के बाद महंतश्री के आशीर्वाद के लिए पंडाल में प्रभात फेरी का सिलसिला चलता रहा।

महंतश्री को श्रद्धालु मानते हैं बाबा जी का प्रत्यक्ष स्वरूप
मान्यता है कि अनंतकाल से चली आ रही प्राचीन सिद्ध गद्दी जिस पर महंत दर्शनार्थ विराजमान होते हैं। इस सिद्ध गद्दी पर महंतों का साक्षात आशीर्वाद श्रद्धालुओं को बाल योगी बाबा बालक नाथ के साक्षात प्रतिनिधि महंत द्वारा दिए जाने की सिद्ध परंपरा अनंतकाल से चली आ रही है। महंत श्रीश्रीश्री 1008 राजेंद्र गिर महाराज को गद्दीनशीन होते ही वाक सिद्धी का वरदान वाल योगी बाबा बालक नाथ से प्राप्त हुआ है। शायद यही कारण है कि इस सिद्ध गद्दी से श्रद्धालुओं को महंत के संवाद में मिलने वाला आशीर्वाद फलीभूत होकर रहता है। बाबा बालक बाल योगी की गुफा के दर्शनों के बाद महंतश्री के दर्शन व संवाद का विशेष महत्व है।
क्षेत्र के विकास के रहे हैं संस्थापक
ब्रह्मालीन महंत शिवगिर दियोटसिद्ध व आसपास के क्षेत्र के विकास के संस्थापक रहे हैं। इस ब्रह्मलीन संत को आज भी क्षेत्र के लोग विकास के असली व सच्चे परोपकारी के तौर पर मानते व जानते हैं। सड़क, बिजली, पानी अस्पताल, लंगर, शिक्षण संस्थान, डिग्री कॉलेज, संस्कृत कॉलेज को शुरू करवाने का श्रेय 13वें महंत ब्रह्मलीन शिव गिर जी को जाता है। उनके पद चिह्नों पर चलते हुए वर्तमान महंत क्षेत्र के विकास व परोपकार की पटरी को निरंतर आगे बढ़ाने का काम कर रहे है
बाल योगी बाबा बालक नाथ भोले नाथ के अवतार व कलियुग के साक्षात सिद्ध देव हैं। यही कारण है कि मौजूदा दौर में बाबा बालक नाथ की ख्याति व प्रचार-प्रसार दुनिया भर में फैल रहा है। गुरु ब्रह्मलीन महंत शिवगिर के विकास के नक्शे चिन्हों पर चलने के लिए मैं वचनबद्ध हूं और आखिरी सांस तक दियोटसिद्ध के विकास के लिए संघर्षरत रहूंगा, क्योंकि यही मेरा फर्ज है और यही मेरा कर्म है।
महंत श्रीश्रीश्री 1008 राजेन्द्र गिर महाराज,
ट्रस्ट बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध।






