- अपनी सरकार के कुनबे को संभालने मे नाकाम रहे मुख्यमंत्री, तब पड़ा प्रदेश पर उप चुनावों का बोझ
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खु द्वारा दिए गए बयान धूमल को कमजोर करने के लिए जयराम ने हमीरपुर मे नहीं किया विकास पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खु बताएं कि उन्होंने पिछले 18 माह मे हमीरपुर के लिए विकास की कौन सी वयार बहाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक भी ऐसा काम प्रदेश व हमीरपुर का बताएं जिसे उन्होंने किया हो और उससे गरीब जनता का भला हुआ हो। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकर के दौरान हमीरपुर के विभिन्न क्षेत्रों का एक समान विकास करवास गया। फिर चाहे वह बड़सर मिनी सचिवालय का काम हो, हमीरपुर मेडिकल कालेज का काम हो, भोरंज व सुजानपुर मे विभिन्न विभागों के डिवीजन खोलने का काम हो इसके आलावा हमीरपुर सहित हजारों सौगाते प्रदेश भर को दी गई थी लेकिन सरकार बदलने के बाद यह सौगाते मुख्यमंत्री सुक्खु को रास नहीं आई और मुख्यमंत्री बनते ही प्रदेश के एक हजार के करीब संस्थानों को डी नोटिफाई कर दिया गया। हमीरपुर बस स्टैंड के लिए सरकार मे रहते प्रयास किये गए और इसे बनाने की कवायद शुरू की थी लेकिन प्रदेश मे सता परिवर्तन हो गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे चुनावों की नौवत मुख्यमंत्री के कारण आई है। मुख्यमंत्री बनने के बाद सुक्खु अपने कुनबे को नहीं संभाल पाए यहाँ तक कि हमीरपुर जिला मे बीजेपी की एक भी सीट नहीं थी इसके बाबजूद हमीरपुर के विधायकों तक को मुख्यमंत्री अपने साथ लेकर चलने का दम नहीं भर पाए। अपने आत्मसम्मान की रक्षा व जनता हित मे विधायकों ने इस्तीफा दिया लेकिन सरकार के दबाब व प्रभाव मे वह कर विधानसभा अध्यक्ष ने इनके इस्तीफा मंजूर नहीं किये नहीं तो यह उप चुनाव भी लोकसभा चुनावों के साथ होते और प्रदेश के करोड़ों रूपये बचते लेकिन कुसीज़् जाने के डर से मुख्यमंत्री ने इस्तीफे मंजूर नहीं होने दिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के इतिहास मे पहली बार ऐसा हुआ है कि सरकार की अस्थिरता के कारण प्रदेश पर बार बार उप चुनावों का बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 18 माह के समय मे प्रदेश व हमीरपुर के लिए कुछ नहीं कर पाए अब जनता के बीच उनके पास बोलने के लिए कुछ नहीं है तो उन्हें हर जगह जयराम ठाकुर व धूमल नजर आने लगे है।





