
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। बाबा
बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध परिसर में प्रस्तावित दो नए भवनों के निर्माण कार्य को लेकर मंदिर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्माण कार्य के दौरान श्रद्धालुओं की सुविध को ध्यान में रखते हुए गेट नंबर-पांच से गुफा तक अस्थायी मार्ग तैयार किया जाएगा, ताकि दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो।
निर्माण स्थल के निरीक्षण से पूर्व मंदिर न्यास अध्यक्ष स्वाति डोगरा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में महंत श्री श्री 1008 राजेंद्र गिरी, मंदिर न्यास के अधिकारी, लोक निर्माण विभाग चकमोह के प्रतिनिधि, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अधिकारी तथा अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
मंदिर न्यास अध्यक्ष स्वाति डोगरा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्माण कंपनी को विशेष निर्देश दिए हैं कि शनिवार और रविवार को अतिरिक्त सावधानी बरती जाए तथा अधिकतर निर्माण कार्य रात्रि के समय किया जाए, ताकि दर्शन व्यवस्था पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि विकास परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और दियोटसिद्ध मंदिर परिसर की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
निर्माण के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रूप से जारी रहेगी।
बुजुर्ग, दिव्यांग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जाएगा।
गेट नंबर-पांच से नीचे जाने वाली सीढ़ियों और कैनोपी को हटाया जाएगा।
शनिवार और रविवार को विशेष सावधानी बरती जाएगी।
अधिकतर निर्माण कार्य रात्रि के समय किया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि निर्माण कार्य के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रूप से जारी रखी जाएगी। विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग तथा अस्वस्थ श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जाएगा।
एशियाई विकास बैंक के सहयोग से करीब 62 करोड़ रूपये की विकास परियोजना के तहत मंदिर परिसर में दो आधुनिक भवनों का निर्माण किया जाना है। निर्माण कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए गेट नंबर-पांच से नीचे जाने वाली सीढ़ियों तथा उन पर स्थापित कैनोपी को हटाया जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्माण कंपनी को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि शनिवार और रविवार को अतिरिक्त सावधानी बरती जाए तथा अधिकतर निर्माण कार्य रात्रि के समय किया जाए, ताकि दर्शन व्यवस्था पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
स्वाति डोगरा, अध्यक्ष, मंदिर न्यास दियोटसिद्ध

