- शिक्षकों की इंक्रीमेंट रोकने के निर्णय का हो रिव्यू
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
कोविड लॉकडाउन के चलते करीब दो साल तक बच्चों की पढ़ाई में विघ्न उत्पन्न हुआ था। यह विकट परिस्थिति थी जिसमें ऑनलाइन शिक्षण किया गया मगर कई क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क नहीं होना या गरीबी के चलते अभिभावकों के पास मोबाईल नहीं होना बच्चों के लिए पढ़ाई में रुकावट बना। भले ही सरकार ने आदेश देकर इन बच्चों को प्रमोट करवा दिया मगर पाठ्यक्रम की गहराई से वांछित पढ़ाई नहीं होने के चलते बच्चों का अगली कक्षाओं में परीक्षा परिणाम कुप्रभावित हुआ। इसके चलते उनकी स्कोरिंग अगली कक्षाओं में कम रही जबकि समस्त अन्य तरह के गैर शैक्षिक कार्य कोविड के बाद शिक्षकों से लिए जाते रहे। वर्ष 2024 में शिक्षकों से ऐसे गैर शैक्षिक कार्य लेने पर शिक्षा सचिव ने रोक लगाई जिसके चलते परीक्षा परिणाम बेहतर आए और परख सर्वेक्षण में पूरे देश में हिमाचल कई मानकों में अव्वल भी आया है। ऐसे में कोविड के बाद शिक्षकों के खराब कक्षा परिणाम हेतु उनकी इंक्रीमेंट रोकने की कार्यवाही स्थगित की जाए। यह मांग राजकीय टीजीटी कला संघ प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल ने प्रदेश सरकार से की है।संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि दो सत्र पूर्व अनुबंध पर तैनात टीजीटी शिक्षकों के खराब परीक्षा परिणाम बारे अगर कार्यवाही अब शुरू करते हुए वेतनवृद्धि रोकी है तो यह गलत होगा क्योंकि नियमित सेवा होने के बाद पिछले सत्रों की खराब परीक्षा परिणाम के चलते इंक्रीमेंट रोकने से अधिक आर्थिक नुक्सान होगा। इसके अलावा जिन शिक्षकों ने स्कूलों में स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के चलते स्कूल के सारे डाक कार्य और गैर शैक्षिक कार्य किए हैं, उनकी इंक्रीमेंट रोकने की बजाय चेतावनी जारी करना सही कदम होना था। कोविड में बच्चों की पढ़ाई में हुए नुकसान के चलते अगले सत्रों 2021 से 2023 तक काफी गिरावट हुई थी। ऐसे में इसका सारा जिम्मा शिक्षकों पर नहीं थोपा जा सकता है। जिन स्कूलों में परीक्षा परिणाम शून्य था, संघ उनकी इंक्रीमेंट बहाली हेतु नहीं कह रहा है मगर जिन स्कूलों में औसत से नीचे परिणाम आने पर इंक्रीमेंट रोकने हेतु आदेश हुए हैं, उन पर रोक लगानी चाहिए। संघ ने निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा से इस बारे में शीघ्र रिव्यू करने की अपील की है।
युक्तिकरण पर गंभीरता से हो विचार
टीजीटी कला संघ प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और महासचिव विजय हीर ने कहा कि 458 टीजीटी के युक्तिकरण की फाइल पर शिक्षा सचिव और शिक्षा मंत्री अब अप्रूवल हेतु विचार कर रहे हैं मगर युक्तिकरण से पहले गंभीरता से यह चिंतन कर लें कि इसके उपरांत वे स्कूल तालाबंदी की ओर नहीं बढ़ें। अनेकों स्कूलों को अप्रैल में बंद करने की योजना है जिससे सैकड़ों टीजीटी सरप्लस होकर अन्य स्कूलों में भेजने होंगे। ऐसे में युक्तिकरण और तालाबंदी की प्रक्रिया में ही हजारों तबादले हो जाएंगे जबकि दस हजार से अधिक सामान्य तबादले भी होंगे।





