February 6, 2026 9:02 AM

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सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन के बाद बढऩे लगी मांग

  • हमीरपुर में नए अंदाज में नजर आने लगे टौर के बने पत्तल व डूना
  • हिमालय चेतना एनजीओ की महिलाओं ने देशी उत्पादों को बढ़ावा देने की उपायुक्त से लगाई गुहार

आवाज हिमाचल। हमीरपुर
शादी समरोह व अन्य आयोजनों मे यूज होने वाले हरे रंग के पत्तल डुना अब ग्रीन टेक्नोलाजी से नए अंदाज में नजर आने लगे हैं। प्लास्टिक व थर्माकोल से बने कप व प्लेटों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के बाद सरकार ने टौर के पत्तों से बनने बनी पत्तलों को इसके विकल्प के रूप में चुना है। इस योजना के तहत अब सरकार एक बार फिर ग्रीन टेक्नोलाजी से टौर के हरे पत्तों से पतले बनाने वाले लोगों को प्रमोट कर रही है। जिला में विकसित हुई सरकार की इस योजना के बाद हमीरपुर में भी टौर के पत्तों से बनी पत्तले अब नई प्लेटों के रूप में नजर आने लगी हैं। जिला कि हिमालयन चेतना एनजीओ ने हरे पत्तों से बने इस ऑर्गेनिक प्रोडेक्ट को बाजार में भी लांच किया है। सोमवार को एनजीओ की सदस्यों ने टौर के पत्तों से बने इस ऑर्गेनिक प्रोडेक्ट को प्रमोट करने को लेकर डीसी हमीरपुर से भी मुलाक़ात की है। एनजीओ के सदस्यों के मुताबिक प्रदेश सरकार की योजना के मुताबिक कुछ महिलाओं ने मिलकर पत्तल व्यवसाय शुरू किया है, व्यवसाय के लिए आधा दर्जन महिलाओं ने ऋण लेकर मशीनरी स्थापित की और धीरे धीरे इस काम को आगे बढ़ाना शुरू किया। वर्तमान समय में पत्तल के इस व्यवसाय में जिला की 22 महिलाएं काम कर रही हैं। टौर के पत्तों से बनी पत्तलों को ग्रीन टेक्नोलाजी के माध्यम से प्लेट का रूप देकर जिला में ऑर्गेनिक प्रोडेक्ट उपलब्ध करवा रही है, लेकिन लोगों को जानकारी के अभाव में इनके महत्व की जानकारी न होने के चलते अभी बाजार में सेल्स ज्यादा मुनाफे वाली नहीं है लेकिन सरकार के सहयोग से महिलाओं ने जिला में बड़ी अच्छी पहल शुरू कर अपनी आर्थिकी को मजबूत करने का प्रयास किया है। इस कारोबार के शुरू होने के बाद अब महिलाओं को जिला में ही रोजगार भी मिलना शुरू हुआ है। उल्लेखनीय यह है कि सरकार की योजना पर अपना व्यवसाय शुरू कर चुकी महिलायें अब सरकारी समारोह में भी ऑर्गेनिक प्रोडेक्ट की प्लेटों के इस्तेमाल के लिए इन्हे प्रमोट कर रही है। यही कारण भी रहा कि पत्तल व्यवसाय से जुड़ी एनजीओ ने अपने प्रोडेक्ट की प्रमोशन के लिए डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह से मुलाक़ात की है।

 

हिमाचल प्रदेश में पूर्व में समारोह व दूसरे आयोजनों में टौर की पत्तल का इस्तेमाल होता था लेकिन आधुनिकता की दौड़ मे प्लास्टिक व थर्माकोल से बने प्रोडेक्ट ने अपना कब्जा जमा लिया। धीरे-धीरे प्लास्टिक व थर्माकोल के इस्तेमाल से लोग बिमारियों का घर बन गए और सरकार ने कई शोधों के बाद हिमाचल को ग्रीन राज्य बनाने की ओर कदम उठाया है। टौर के पत्ते से बने ऑर्गेनिक प्रोडेक्ट भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है। जिसके तहत हमीरपुर की महिलाएं आगे बढ़ी हैं और बाजार में एक बेहतर व ऑर्गेनिक प्रोडेक्ट लेकर सामने आई है। इस ऑर्गेनिक प्लेट की बाजार मे क़ीमत मात्र 400 रूपये सैकड़ा है, जोकि हर व्यक्ति की सेहत के लिए फायदे मंद है।

 

हिमालय चेतना एनजीओ की महिलाओं ने अपने बनाए गए उत्पादों के बारे में बताया है और अभी महिलाओं के द्वारा शुरूआती दौर में काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इनके द्वारा बनाए गए उत्पादों की डिमांड को और बढ़ाने के लिए प्रशासन के द्वारा भी सहायता की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशासिनक कार्यक्रमों में भी प्रयास रहेगा। इन महिलाओं के द्वारा बनाए गए उत्पादों का इस्तेमाल किया जाए।

अमरजीत सिंह,
उपायुक्त हमीरपुर।

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