मस्जिद का नहीं श्मशानघाट पर चल रहा था निर्माण कार्य
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
हिमाचल मे चल रहे मस्जिद के अवैध निर्माण प्रकरण के बीच जिला हमीरपुर मे भी उस समय महौल तनाव पूर्ण हो गया ज़ब सोशल मिडिया पर ग्राम पंचायत दडूही मे पर्दे के पीछे अवैध निर्माण की बात आग की तरह फैल गई। ग्राम पंचायत दडूही के मटाहनी क्षेत्र की सोशल मिडिया पर वायरल इस बात पर हमीरपुर मे तनाब पैदा हो गया। सुचना मिलते ही विभाग की टीम ने मौके पर पंहुचकर जायजा लिया तो मौके पर निर्माण कार्य तो चल रहा था लेकिन यह निर्माण कार्य किसी मस्जिद का नहीं बल्कि श्मशानघाट की बेहतरी का था। वन विभाग ने सोशल मिडिया पर फैली मस्जिद निर्माण की बात को अफवाह करार दिया है। उधर जिस कमेटी के तहत यह निर्माण कार्य किया जा रहा है उस लखदाता पीर कमेटी के प्रधान ने भी अवैध निर्माण की बात को अफवाह ही बताया है। उनके मुताबिक उनकी कमेटी हर साल क्षेत्र मे साल 1967 से निरंतर छिंज मेले का आयोजन करती आ रही है। 27 साल पहले लखदाता पीर के दीपक जलाने को लेकर एक छोटा सा निर्माण करवाया गया था। जहां हर मजहव के लोग अपनी श्रद्धा अनुसार दान व पुण्य करते है। दानवीरों के पैसों से श्मशानघाट के लिए टाइलें व बाउंड्री वाल का काम करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मस्जिद के निर्माण की अफवाह की जानकारी उन्हें मिली तो उन्होंने खुद ही इस दीबार के कार्य को रुकवा दिया। वन विभाग के अधिकारी मौके पर पंहुचे है और उन्होंने उस दीबार को भी हटा दिया है। कमेटी प्रधान का कहना है कि लखदाता पीर समाज मे भाई चारे व सभी धर्मों की एक जुटता का प्रतीक है। हर धर्म के लोग लखदाता की रहमतों के लिए श्रद्धा अनुसार दान भी देते है। दानवीरों की इच्छा पर ही श्मशानघाट की बेहतरी का काम किया जा रहा था लेकिन अफवाह फैलने के बाद उसे हटा दिया गया है। वहीं वन विभाग के हल्का वन रक्षक के मुतावीक सोशल मिडिया पर जिस तरह मस्जिद के निर्माण की अफवाह फैली उसी दौरान विभाग की टीम मौके पर पंहुच गई लेकिन यहाँ जांच पड़ताल के बाद पाया कि किसी मस्जिद का निर्माण नहीं बल्कि चार दीबारी व टाइल लगाने का काम चल रहा था जिसे विभाग ने हटा दिया है।





