हमीरपुर के बड़सर व सुजानपुर में उपचुनाव के लिए बीजेपी करेगी 10 मई को नामांकन
सुजानपुर में कांग्रेस भी 10 को ही ठोकेगी ताल, दोनों ही क्षेत्रों में होगा जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन
रविंद्र चंदेल। आवाज हिमाचल। हमीरपुर
लोकसभा चुनावों से ज्यादा विधानसभा के उपचुनावों की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिला में 10 मई शुक्रवार को तीन उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल होने हैं। नामांकन के रोज जबरदस्त प्रदर्शन की तैयारियां दोनों ही सियासी पार्टियां कांग्रेस व बीजेपी की ओर से चल रही हैं। सुजानपुर विधानसभा में जहां बीजेपी प्रत्याशी राजेंद्र राणा के नामांकन पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के साथ केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लोकसभा के उम्मीदवार अनुराग ठाकुर सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। वहीं दूसरी ओर चुनावी जंग के शुरूआती दौर को प्रभावी बनाने के लिए स्वयं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सुजानपुर में कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन रंजीत सिंह के नामांकन पर मौजूद रहने की पुख्ता सूचना है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिला में जहां यह दोनों उपचुनाव सरकार की नाक का सवाल बने हुए हैं, वहीं बीजेपी ने भी इन दोनों उपचुनावों को साख का सवाल बनाया हुआ है। जिसके चलते बड़सर व सुजानपुर में 10 मई शुक्रवार को खूब गहमागहमी रहेगी। बड़सर विधानसभा क्षेत्र में भी 10 मई को ही बीजेपी प्रत्याशी इंद्र दत्त लखनपाल अपने दल-बल सहित नामांकन दाखिल करेंगे। इस बेला पर बीजेपी के स्टार प्रचारक सांसद अनुराग ठाकुर के साथ कई बड़े नेताओं के हाजिर रहने की भी सूचना है। चुनाव प्रचार के शुरूआती दौर को समझा जाए तो इंद्र दत्त लखनपाल बतौर बीजेपी प्रत्याशी काफी मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं। बड़सर में कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा टूट कर इंद्र दत्त लखनपाल के साथ बीजेपी में आ चुका है, जबकि जिला से लेकर मंडल तक की बीजेपी संगठन की तमाम टीमें इंद्र दत्त लखनपाल के साथ खुल कर सामने आई हैं। जिससे इंद्र दत्त लखनपाल की चुनावी राहें अभी से काफी आसान लग रही हैं। जबकि दूसरी ओर कांग्रेस के उम्मीदवार सुभाष ढटवालिया को अभी काफी मेहनत करने की जरूरत है। सुभाष ढटवालिया के साथ चुनाव प्रचार में चल रही एक कांग्रेसियों की एक जुंडली जिसे खुद के सिवाय कोई भी दूसरा पसंद नहीं है और न ही जनता इस जुंडली को पसंद करती है। यह जुंडली चुनाव प्रचार में सुभाष ढटवालिया के साथ चल रही है। इस जुंडली का कांग्रेस प्रत्याशी के साथ चलने से नफे की बजाए नुक्सान की चर्चाएं अभी से चल निकली हैं। जोकि कांग्रेस उम्मीदवार को नुक्सान दे सकती हैं। जहां तक सुजानपुर विस क्षेत्र का सवाल है तो सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी को जीत हासिल करना उतना ही जरूरी है जितना कांग्रेस के लिए बीजेपी को हराना जरूरी है। सुजानपुर की चुनाव के जीत हार के अपने मायने रहेंगे, अगर सुजानपुर में बीजेपी को नुक्सान होता है तो इसके असर लोकसभा तक देखें व समझें जाएंगे। यह दीगर है कि सुजानपुर उपचुनाव में कांग्रेस बीजेपी के सहारे पर भरोसा कर रही है और कांग्रेस जीत की बजाए राजेंद्र राणा से अपना स्कोर सैटल करने पर फोक्स कर रही है। अब देखना यह है कि नामांकन के बाद राजेंद्र राणा अपने और परायों के शह-मात के खेल में खुद को अभिमन्यू किस तरह साबित करते हैं।





