आवाज हिमाचल। हमीरपुर
हिमाचल में सियासी घमासान के बीच विधानसभा उपचुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस पार्टी भारी मंथन के बाद प्रत्याशी चुनाव में उतारेगी। कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायकों को उनके घर मे चित करने की रणनीति तैयार हो चुकी है। लंबी चर्चाओं व सर्वे के बाद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रत्याशियों के नामों को लेकर दिल्ली पंहुचे हैं जिन पर अब हाईकमान अंतिम मोहर लगाएगी। अगर बात हमीरपुर जिला की करें तो अभी तक यहां पर 2 बागी विधायकों के हलकों मे उपचुनाव सुनिश्चित है जिनमें बड़सर व सुजानपुर शामिल हैं। अगर बात बड़सर की करें तो कांग्रेस के टिकट पर 3 बार जीत हासिल कर विधानसभा पंहुचे इंद्रदत्त लखनपाल अब भाजपा खेमे में हैं, भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान पर उतारते हुए कांग्रेस को कड़ी चुनौती दी है तो वहीं बड़सर को जीतने के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी इस तरह राजनितिक गोटियां फिट कर दी हैं कि भाजपा अपने जाल में खुद फंसती नजर आ रही है। राजनीतिक सूत्र बताते हैं बड़सर को जीतने के लिए कांग्रेस ने ढटवाल से प्रत्याशी चुनाव में उतारने की तैयारी की है। बड़सर से टिकट के लिए दो नाम दिल्ली पंहुचे हैं जिन पर मंथन के बाद हाईकमान जल्द फैसला करेगी। दिल्ली पंहुचे दो नामों के इस पैनल में एक नाम ढटवाल क्षेत्र से संबंध रखने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता का है जिस पर लगभग सहमति बन चुनी है केवल औपचारिक घोषणा बाकी है। यदि कांग्रेस ढटवाल से किसी प्रत्याशी को टिकट देती है तो यह बड़सर के राजनीतिक इतिहास में पहली बार होगा कि किसी ढटवालवासी को पार्टी टिकट पर चुनाव में उतारा जायेगा। यदि मुख्यमंत्री का यह राजनीतिक कार्ड सटीक बैठता है तो बड़सर में इंद्रदत्त लखनपाल की राहें मुश्किल हो सकती हैं, क्योंकि कांग्रेस जिस कार्यकर्ता पर दांव खेलने जा रही है वह बड़सर कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा उभर कर सामने आया है और पिछले 3 चुनावों से कांग्रेस प्रत्याशी को जिताकर विभानसभा भेजने में अहम भूमिका निभाई है। इंद्र भाजपा में शामिल होकर पहले ही भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं की रडार पर है वहीं उनके सामने क्षेत्रवाद की एक और परेशानी कांग्रेस ने खड़ी कर दी है। ऐसे में अब देखना यह है होगा कि क्या कांग्रेस इस ट्रम्प कार्ड से बड़सर को बचाने में कामयाब रहती है या फिर इंद्र के रूठने के बाद सूखे की मार झेलेगी।





