अपनी अनैतिकता से बाज आएं निर्दलीय विधायक आशीष, नहीं तो मिलेगा करारा जबाव
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू दानवीर है और उन्होंने प्रदेश हित मे कर्ण की भांति अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है। हमें निर्दलीय विधायक आशीष से इस बात का सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं की मुख्यमंत्री कहां से है और क्या हैं? प्रदेश की जनता और कांग्रेस परिवार सब जानता है। यह शब्द सोमवार को हमीरपुर सदर से पूर्व प्रत्याशी एवं कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहे। वर्मा ने कहा कि भाजपा मे शामिल होने के बाद निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा मुख्यमंत्री के खिलाफ जिस लिहाजे से ब्यानवाजी कर रहे हैं वह किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता के लिए असहनीय है। उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायक बतायें कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा देने की क्या जरूरत आन पड़ी है, वह निर्दलीय हैं कांग्रेस विचारधारा उन्हें समझ नहीं आ रही तो भाजपा में समर्थन कर देते, इस्तीफा देकर जनता के सिर बोझ क्यों बढ़ाना चाहते हैं। वर्मा ने कहा कि निर्दलीय विधायक स्वार्थ व लालच में अपना जमीर भाजपा के हाथों बेच चुके हैं और अब उनके हाथों की कटपुतली बनकर नाच रहे हैं, लेकिन उनके द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ की जा रही असभ्यता किसी क़ीमत पर बर्दास्त नहीं की जायेगी। निर्दलीय विधायक हर बार आरोप लगा रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने उन्हें समय नहीं दिया तो वह बतायें कि वह कौन सा मौका है ज़ब हमीरपुर में मुख्यमंत्री ने उन्हें मंच पर न बुलाया और न बैठाया हो, हिमाचल के इतिहास मे पहली बार निर्दलीय विधायक की पट्टिका मुख्यमंत्री के नाम के साथ लगी है। हमीरपुर में विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए करोड़ों की योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है लेकिन निर्दलीय विधायक को यह सब नजर नहीं आ रहा है इस लिए निर्दलीय विधायक अपने चश्मे का नंबर बदल लें। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल सड़क मंत्री के नाम से तो शांता कुमार पानी मंत्री के नाम से चर्चित हुए लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू काम व गांव के मुख्यमंत्री बने हैं। ये पहले मुख्यमंत्री है जिन्होंने गांव-गांव लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने का काम किया है।





