- मुख्यमंत्री सुक्खू ने पेश किया 58,444 करोड़ रुपए का बजट
- पंचायती राज व शहरी निकाय प्रतिनिधियों सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ा मानदेय
- कर्मचारियों को 4 प्रतिशत डीए की मिली सौगात, मनरेगा मानदेय को बढ़ा कर किया 300
आवाज हिमाचल। शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार की तरफ से शनिवार को 58,444 करोड़ रूपये का अपना दूसरा बजट पेश किया है।
बजट पेश करने मुख्यमंत्री सुक्खू अपनी आल्टो कार को खुद चलाकर विधानसभा पहुंचे। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बजट में सरकारी कर्मचारी और पेंशनरों के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 अप्रैल, 2024 से 4 फीसदी डीए देने की घोषणा की है। सभी कर्मचारियों, पेंशनरों को चरणबद्ध तरीके से एरियर का भुगतान 1 मार्च से किया जाएगा। ग्रेजुएटी का भुगतान भी 1 मार्च से किया जाएगा। इस पर 580 करोड़ वार्षिक खर्च आएगा। 1 अप्रैल के बाद कर्मचारी अपने सेवाकाल में कम से कम दो बार एलटीसी ले सकेंगे। विधायक ऐच्छिक निधि को 13 लाख से बढ़ाकर 15 लाख करने की घोषणा की।
अपना दूसरा बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने हर वर्ग को कुछ न कुछ देने का भरपूर प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि 60 साल से अधिक आयु वर्ग की पैंशन की राशि तीन हजार से बढ़ाकर 5 हजार रुपए कर दी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दस हजार मानदेय देने का फैसला लिया गया है। हिमाचल की ओर से खेल में हिस्सा लेने जा रहे खिलाडिय़ों के लिए एसी कोच का किराया सरकार द्वारा दिया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी अब स्कूली बच्चों को पढ़ाएंगी। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षकों को डाक से राहत प्रदान करते हुए कहा कि अब वह केवल बच्चों को पढ़ाएंगे। प्रदेश में छह हजार नर्सरी शिक्षकों की भर्ती होगी। वहीं मनरेगा मजदूर दिव्यांग एकल और विधवा महिला आय ढाई लाख से कम हो और जिन्होंने काम के 100 दिन भी पूरे कर लिए हों उन्हें मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपए की राशि दी जाएगी। मनरेगा कामगारों की दिहाड़ी 240 से बढ़ाकर तीन सौ रुपए कर दी गई है। इसमें 60 रुपए का इजाफा किया है। मुख्यमंत्री ने बजट में सामाजिक सुरक्षा के लिए 2457 करोड़, मनरेगा कामगारों की दिहाड़ी 300 रुपये प्रतिदिन, अध्यक्ष जिला परिषद को 24 हजार रुपए प्रति माह मानदेय, अध्यक्ष पंचायत समिति को 11,400 रुपए प्रति माह मानदेय, सदस्य पंचायत समिति को 7200 प्रति माह मानदेय, 2356 करोड़ रुपए ग्रामीण विकास विभाग को मिलेंगे। मेयर को अब 24 हजार रुपए प्रति माह मानदेय मिलेगा, डिप्टी मेयर को 18 हजार रुपए और पार्षद को 8400 रुपए मिलेंगे। नगर परिषद अध्यक्ष को 10,200 रुपए प्रति माह मानदेय, वाल्मीकि समाज के लिए महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना की घोषणा। वाल्मीकि समाज के लिए महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना की घोषणा भी की है। इसकी के साथ ही हेल्थ सेक्टर को 3415 करोड़ रुपए, पंचायत स्तर पर 88 करोड़ की लागत से 493 लाइब्रेरी बनाई जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 40 हजार नये लाभार्थी जोड़े जाएंगे। दिव्यांगों के लिए कंडाघाट में आवासीय सुविधा व खेल मैदान सहित शिक्षा की सुविधा, विधवा, एकल नारियों के 27 साल के बच्चे जिनकी आय एक लाख सालाना से कम हो उसकी शिक्षा का खर्च सरकार वहन करेगी। ऐसी महिलाओं के 18 साल तक के बच्चों को प्रति माह एक हजार रुपये आरडी खाते में दिए जाएंगे।
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने हिमाचल में प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों और पशुपालकों के लिए बड़े ऐलान किए हैं। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऐलान किया है कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत हिमाचल सरकार प्राकृतिक खेती से उगाया गया 20 क्विंटल अनाज एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। प्रदेश सरकार 40 रुपये प्रति किलो आधार पर गेहूं और 30 रुपये प्रति किलो आधार पर मक्की की खरीद करेगी। सीएम सुक्खू ने कहा कि इस मामले में हिमाचल सरकार का एमएसपी देश में सर्वाधिक है।
पहली बार दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय
पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक अप्रैल 2024 से गाय दूध का न्यूनतम 45 रुपये, भैंस का दूध 38 से बढ़ाकर 55 रुपये प्रति किलो, दूध खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य, देश में पहली बार दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य, वहीं, विपक्ष के सदस्य बोले गारंटी कुछ और थी। सीएम सुक्खू ने कहा अप्रैल 2024 से दूध उत्पादकों से ली जाने वाली मार्कटिंग फीस माफ की जाएगी।







