संघर्ष भरी जिन्दगी के सफर पर अकले निकली कांता, समाज के लिए भी बनी प्रेरणा स्त्रोत
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
भारतीय डाक विभाग की लघु बचत योजना के अंतर्गत हमीरपुर डिवीजन में सबसे अधिक खाते खोलने वाली बड़सर की कांता देवी पहली अभिकर्ता बनी हैं। कांता देवी ने डाकघर महारल में अभिकर्ता के रूप मे सेवाएं देते हुए मात्र 30 दिनों मे 412 खाते खोल इस मुकाम को हासिल किया है, जिसके लिए भारतीय डाक विभाग के शिमला सर्कल डायरेक्टर ने उन्हें पुरस्कार से सम्मानित किया है। मुश्किल वक्त और जिंदगी के लंबे संघर्ष के बाद इस मुकाम को हासिल कर कांता देवी समाज के लिए भी प्रेरणा बनी है। दीगर है कि कांता देवी बड़सर की ग्राम पंचायत बड़ाग्राम के चौकी गांव से संबंध रखती हैं। कांता देवी ने साल 2000 मे डाक विभाग में अभिकर्ता के रूप मे काम शुरू किया था, 2007 में उनके पति की मौत हो गई जो की कृषक थे जिसके चलते उनके ऊपर तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी के साथ-साथ 14 लाख से ज्यादा के कर्ज का बोझ भी पड़ गया। सामाजिक जिम्मेदारियों व कर्ज के बोझ को लेकर अकेली जिन्दगी के सफर मे निकली कांता देवी ने हार नहीं मानी और दिन रात मेहनत कर डाक विभाग मे अपने अभिकर्ता के काम को आगे बढ़ाया। कांता ने उस मुश्किल दौर में अकेले घर घर जाकर लोगों को लघु बचत योजना के लिए प्रेरित किया और अपने क्रम क्षेत्र को आगे बढ़ाते हुए समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनी हैं।
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पति के गुजरने के बाद अभिकर्ता कांता देवी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। उसके खडे् होने का कोई सहारा नहीं था लेकिन 17 साल के लंबे संघर्ष के दौरान उन्होंने अपनी समाजिक व परिवारिक जिम्मेदारियों से कभी मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने बच्चों की बेहतरीन परवरिश करते हुए तीनों बच्चों को उनकी इच्छा अनुसार मास्टर डिग्रियां दिलवाई। उनकी बड़ी बेटी को एमएससी बीएड, छोटी बेटी को एचएमडी की मास्टर डिग्री व बेटे को बी फार्मेसी की डिग्री दिलवाई जो वर्तमान मे बद्दी की नामी कम्पनी मे सेवाएं दे रहे हैं।





