- नकदी व मौसमी फसलों को उगाने व मार्केटिंग के बारे दिया प्रशिक्षण
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
किसानों की आर्थिकी को सदृढ़ बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश फ़सल विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना (जायका) के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। जायका चरण 2 के तहत किसानों को नकदी फसलों के उत्पादन व उनकी मार्केटिंग के बारे में लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी कड़ी के चलते शिप कॉम्पनेंट के तहत हिमाचल के तीन जिलों बिलासपुर, हमीरपुर व सोलन में किसानों के लिए प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन कर विभिन्न फसलों के बारे में जानकारी दी जा रही है। जायका परियोजना के शिप प्रशिक्षण समन्वयक ताखीरो ताकगाकी और एम एस उमेश बाबू राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम दो दिनों के लिए हिमाचल के दौरे पर है। शिप टीम ने हमीरपुर, बिलासपुर व सोलन जिला का दौरा कर कुसनों से सीधा संवाद किया है और उनकी समस्याओं को जाना समझा है। टीम ने इस दौरान किसानों को अधिक से अधिक नकदी फसलों के उत्पादन करने व मौसम के हिसाब से फसलों को तैयार करने के बारे में प्रशिक्षित किया तथा अपने उत्पादन को मार्केटिंग मे किस तरह बेचा जाए कि किसानों को अधिक से अधिक आय का साधन बन सके के बारे में विस्तृत से समझाया। हमीरपुर जिला परियोजना अधिकारी सुनील चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि शिप के इस दौरे का प्राथमिक उद्देश्य किसानों के साथ सक्रिय रूप से जुडऩा और शिप दृष्टिकोण के क्रियान्वयन को समृद्ध करने के लिए तकनीकी ज्ञान प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि शिप के दो दिवसीय दौरे का उदेश्य अधिकारीयों, लाभर्थियों, व किसान समूहों और किसान प्रतिनिधियों से सीधे संवाद को बढ़ाबा देना भी प्रमुख रहा है। जिसका सीधा लाभी हम सबको मिलेगा। वहीं हिमाचल प्रदेश फ़सल विविधीकरण परियोजना के मीडिया सलाहकार राजेश्वर ठाकुर ने बताया कि चरण 2 की योजना के तहत शिप टीम के प्रतिभागी विशेषज्ञ किसानों के साथ साथ स्थानीय थोक बिक्रेताओं के साथ भी जुड़ेंगे! ताकि किसानों की फसलों को बाजार तक पंहुचाया जा सके और किसानों को अपनी फसलों का अच्छा दम भी मिल सके।





