बरसात के दिनों मे क्षतिग्रस्त कृषि विविधकरण प्रोत्साहन परियोजनों की होगी मुरमत, बजट जारी
आवाज हिमाचल। शिमला
राजधानी शिमला स्थित हिमाचल सरकार सचिवालय परिसर में माननीय कृषि सचिव हिमाचल सरकार डॉ सी पालरासु की अध्यक्षता में हिमाचल कृषि विकास समिति की कार्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में समिति की ओर से संचालित हिमाचल कृषि विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना के कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में कृषि निदेशक महिला आईएएस अधिकारी कुमुद सिंह ने भी शिरकत की।बैठक में परियोजना निदेशक डॉ सुनील चौहान ने एचपीसीडीपी के तमाम क्रिया कलापों का विस्तृत ब्यौरा रखा। उन्होंने बताया कि परियोजना अपने तय लक्ष्यों को हासिल करने के प्रति कृत संकल्प है।वरिष्ठ अधिकारीगण ने हिमाचल में कृषि क्षेत्र में विविध कृषि के लिए चलाई जा रही गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस मौके पर कृषि सचिव डॉ सी पालरासु ने बताया कि हिमाचल के हर जिले में चलाए जा रहे हिमाचल कृषि विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना में लगाए जा रहे टेंडरों में ठेकेदारों की भागीदारी बढाने के लिए योग्यता मानकों को और लचीला किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा टेंडर में ठेकेदारों की प्रतियोगिता बढ़े। इससे टेंडरों में हो रही कम प्रतिभागिता के कारण कंस्ट्रक्शन के कामों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में आ रहा गतिरोध दूर हो पायेगा। डॉ पालरासु ने बताया कि परियोजना के माध्यम से प्रगतिशील किसानों के युवा बच्चों को खेती से जुड़े हुए बेहतरीन प्रशिक्षण के लिये जापान भी भेजा जाएगा। इसके लिए राज्य कौशल विकास निगम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आगे बढ़ा जाएगा। डॉ पालरासु ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के दिनों में परियोजना की पूर्व में बनी परियोजनाओं में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर लिया गया है। कृषि विभाग के जरिये इनकी रिपेयर के लिए बजट जारी किया जा रहा है। इस अवसर पर कृषि निदेशक कुमुद सिंह ने परियोजना की गतिविधियों के संचालन के लिए जरूरी सुझाव व निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
राज्य मीडिया सलाहकार राजेश्वर ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राज्य के किसानों की आर्थिकी में करिश्माई परिवर्तन लाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। उनका यह कृषि के प्रति दर्शन आने वाले दौर निश्चित तौर पर राज्य के किसानों की तकदीर बदलेगा। मुख्यमंत्री प्रयास कर रहे हैं कि विविध खेती से पैदा होने वाले विभिन्न उत्पादों को व्यापक स्तर पर बाजार उपलब्ध करवाया जाए ताकि किसान की इतनी मासिक आय तय हो पाए कि उसे खेतीबाड़ी से आत्मनिर्भरता का भरोसा हो पाए। बैठक में परियोजना निदेशक डॉ सुनील चौहान ने एचपीसीडीपी के तमाम क्रिया कलापों का विस्तृत ब्यौरा रखा। उन्होंने बताया कि परियोजना अपने तय लक्ष्यों को हासिल करने के प्रति कृत संकल्प है। बैठक में वर्चुअल जुड़े जाइका इंडिया से विकास विशेषज्ञ निष्ठा वेंगुरलकर, जाइका प्रतिनिधि मारिया काटो, केंद्र सरकार के प्रतिनिधी आरए एस पटेल, आशा सोता ने भी परियोजना के कामकाज की तारीफ की। बैठक में सभी जिलों के प्रबंधक, डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर, वित्त विभाग के प्रतिनिधि, मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहे।






