कहीं दालों की किल्लत, कहीं आटा चावल, तो कहीं चीनी की किल्लत
उपभोक्ता कर रहे डिपो धारकों पर शक
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
पिछले तीन माह से डिपुओं पर राशन की सप्लाई मांग के अनुसार न आने से डिपो धारक व उपभोक्ता दोनों ही परेशान हैं। प्रदेश डिपो संचालक समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने जारी व्यान में कहा कि पिछले तीन माह से कुल्लू जि़ला सहित कई जिलों में आटा, चावल, दालें अधिकांश डिपुओं पर न आने से उपभोक्ताओं व डिपो धारकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह तो हालत ऐसी भी है जहां डिपुओं पर एनएफएसए का आटा चावल भी निगम के गोदामों से डिपो धारकों को उपलब्ध नहीं करबाया जा रहा है। अशोक कवि ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश डिपुओं पर दिवाली के अतिरिक्त कोटे सहित दिसंबर और जनवरी माह का कोटा भी नहीं पहुंचा है। प्रदेश के जिन डिपो धारकों को तीन माह का कोटा नहीं मिला उन्हें जनवरी माह में निगम द्वारा तीन माह का कोटा तो उपलब्ध करवाया जा रहा है, लेकिन मशीन में मात्र दो माह का ही बिल कट रहा है । विभाग ने मशीनों में दिसंबर माह के कोटे का विकल्प अभी तक मशीनों में नहीं डाला है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश डिपुओं पर निगम के गोदामों से माह के अंतिम सप्ताह में सप्लाई भेजी जाती है और हर माह अंतिम सप्ताह में डिपुओं पर लगाई गई मशीनों का सर्वर डाउन होने की वजह से डिपो धारक अपने सभी उपभोक्ताओं को राशन वितरित करने में असफल रहते हैं। अशोक कवि ने कहा कि सरकार ने जब से ठेकेदारों के माध्यम से डिपुओं पर राशन उपलब्ध करवाने की प्रथा शुरू की है तबसे ठेकेदार डिपुओं पर राशन समय पर नहीं पहुंचा रहे हैं। हालांकि इनके किराय में पहले से कई गुणा वृद्धि की गई है। अशोक ने कहा कि जब डिपुओं पर उपभोक्ताओं को पूरा राशन नहीं मिलता है तो उपभोक्ता डिपो धारकों को शक की नजऱ से देखते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार व विभाग से ठेकेदारी प्रथा बंद करके पुरानी प्रथा शुरू करने, पिछले माह का राशन न मिलने की स्थिति में मशीनों में बैक लॉग का विकल्प डालने और डिपुओं पर हर माह दस तारीख से पहले राशन उपलब्ध करवाने की मांग की है अन्यथा डिपो धारक संघर्ष करने पर मजबूर होंगे।





