पंचायत प्रतिनिधि मान सरोवर बनाने को नहीं गंभीर, 52 मे से मात्र 12 के करीब पंचायतों मे ही हो सका है निर्माण!
आवाज़ हिमाचल।हमीरपुर
प्रदेश मे अमृत मान सरोवर बनाने को लेकर पंचायतें गंभीर नहीं है! जिला हमीरपुर मे भी पानी की किल्लत व जंगली जानबरों के लिए पानी की व्यवस्था के उदेश्य से पंचायतों मे अमृत मान सरोवर बनाए जाने थे लेकिन अधिकांश पंचायतों की लेटलतीफी व लापरवाही के कारण सरकार का मां सरोवर बनाने का उदेश्य ही खत्म होने लगा है! हमीरपुर के बड़सर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहाँ 52 पंचायतें है
लेकिन एक वर्ष बीतने के बाबजूद भी विकास खंड बिझड़ी की केवल एक दर्जन के करीब पंचायतों में ही मान सरोवर का कार्य हो पाया है। इससे साफ प्रतीत होता है कि पंचायतों में विराजमान सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ चुने हुए प्रतिनिधि सरकार के आदेशों के प्रति गंभीर होते नहीं दिख रहे हैं। आलम यह है कि हर वर्ष गर्मियों के दिनों में पानी के लिए त्रहि-त्रहि मच जाती है। इसी के मद्देनजर सरकार ने गांववासियों के साथ-साथ जंगली जानवरों के लिए पानी की किल्लत को पूरा करने के उद्देश्य से अमृत मान सरोवर बनाने का निर्णय लिया था। लेकिन सरकार द्वारा लिया गया निर्णय धरातल पर न उतर कर फाइलों में दफन होता नजर आ रहा है। हैरत की बात यह है कि सरकारें तो प्रदेश की पंचायतों में आ रही किल्लत मध्यनजर रखते हुए प्लान तो तैयार करती है, लेकिन पंचायतें की सरकार की आदेशों के पालना न करने की जिद पर अड़ी रहती हैं तो फिर सरकार भी क्या कर सकती है। हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि क्षेत्र की कुछेक पंचायतों में भूमि का चयन न होने के चलते सरकार द्वारा चलाई गई यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है, लेकिन कुछेक पंचायतों में भूमि होने के बावजूद भी मान सरोवर बनाने की योजना को तवज्जो नहीं दी। यही कारण है कि क्षेत्र की पंचायतों में मान सरोवर बनाने की योजना धराशाही होकर रह गई है।
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क्षेत्र की पंचायतों में मान सरोवर बनाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन कुछ पंचायतों ने तो मान सरोवर बना दिए लेकिन अधिकांश पंचायतों में भूमि का चयन न होने के चलते यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। पंचायत प्रतिनिधि भी इस योजना के लिए दिलचस्पी नहीं दिखा रहें है!
रमेश शर्मा
विकास खंड अधिकारी बिझड़ी





