अपनी मांगों को लेकर हमीरपुर के गांधी चौक पर सीटू ने किया धरना प्रदर्शन
कहा– प्रदेश व केंद्र दोनों ही सरकारे हैं मजदूर विरोधी, मनरेगा मजदूरों को रख रहीं है उनके हकों से दूर
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
हमीरपुर के गांधी चौक पर सीटू ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया! इस दौरान सीटू के नेशनल सचिव डॉ कश्मीर सिंह ठाकुर ने मनरेगा मजदूरों को मिलने वाले लाभ रोकने का प्रदेश व केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व उनके राजनितिक सलाहकार सुनील बिट्टू बीजेपी से मिले हुए है ! सरकार बोल रही है कि मनरेगा कल्याण बोर्ड हिस्सा नहीं होगा! जबकि कल्याण बोर्ड मे 1996 मे नियम बना था जिसे सरकार आज बंद करना चाहती है और यह जितना भी काम हो रहा है यह मुख्यमंत्री व उनके सलाहकार के कहने पर हो रहा है! ताकि आगामी चुनावों मे बीजेपी को लाभ मिल सके! सरकार के इस फैसले के बाद 4.50 लाख मनरेगा मजदूरों के परिवार कांग्रेस के खिलाफ खडे है चुनावों मे बीजेपी को वोट देंगे, जिससे जाहिर है कि मुख्यमंत्री व उनके सलाहकार बीजेपी को सीधे तौर पर तो नहीं बल्कि इंडरेक्ट तौर पर बीजेपी के साथ खडे है! वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्होंने नौटंकी बताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ज़ब भी हिमाचल आए तो कहा कि यह मेरा दूसरा घर है, मंडी मे आए तो सेपु बड़ी की बात की, हमीरपुर आए तो बेसन की बात की लेकिन प्रदेश इतनी बड़ी आपदा से गुजर रहा है तो प्रधानमंत्री राहत पैकेज देने से भी डर रहें है! हिमाचल आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित न कर प्रधानमंत्री हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार कर रहें है! उन्होंने कहा ज़ब उत्तराखंड व गुजरात मे त्रासदी हुई तो प्रधानमंत्री ने उन्हें राष्ट्रीय आपदा घोषित करने मे कतई वक़्त नहीं लगाया लेकिन हिमाचल की आपदा को न तो राष्ट्रीय आपदा घोषित कर रहें है और न ही राहत पैकेज दे रहें है! इससे साफ है कि प्रधानमंत्री हिमाचल सिर्फ और सिर्फ नौटंकी करने आते रहें है! डॉ कश्मीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मनरेगा योजना के तहत मिलने वाले वजट मे 33 प्रतिशत की कटौती लगाकर गरीब मजदूरों के मुँह से निवाला छिना है! जबकि वर्डबैंक के मुताबिक मनरेगा योजना के तहत हिमाचल की महिलाओं की आर्थिकी मजबूत हुई है! प्रदेश व केंद्र मे बैठी दोनों ही सरकारें मजदूरों के हक मे नहीं है।





