अनुशासन की मर्यादा को बनाए रखना हर कार्यकर्ता व नेता का फर्ज
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
अपने व्यक्ति द्वेषों व स्वार्थी सोच को त्याग कर एकजुट होकर पार्टी के लिए निष्ठा से काम करें। यह बात हमीरपुर बीजेपी के अध्यक्ष देश राज शर्मा ने यहां जारी बयान में कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाखों कार्यकर्ताओं में से आला कमान की परख पर खरे उतरने वाले कार्यकर्ताओं में से चंद कार्यकर्ताओं को संगठन व पार्टी का दायित्व दिया जाता है। सब कार्यकर्ताओं को पदाधिकारी बनाना किसी भी संस्था व संस्थान के लिए संभव नहीं है। देश राज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के अनुभव का सौभाग्य हमीरपुर के साथ-साथ समूचे प्रदेश के कार्यकर्ताओं को मिला है। जिसका पार्टी कार्यकर्ताओं का बड़ा लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में हमीरपुर बीजेपी के कार्यकर्ता समूचे प्रदेश में आदर्श कार्यकर्ता के तौर पर माने व जाने जाते थे। अब फिर उस पोजीशन को हासिल करना हर कार्यकर्ता के लिए चुनौती व फर्ज है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर के कार्यकर्ता फिर से आदर्श के कार्यकर्ता की सर्वोच्च पोजीशन को हासिल करें, इसके लिए हर कार्यकर्ता को जी तोड़ प्रयास करने होंगे।
देश राज ने स्पष्ट किया कि पद की लालसा में अपने-अपने गुटों का हावी-प्रभावी करके पार्टी हित नहीं हो सकता है। हमीरपुर संगठन चुनाव प्रक्रिया में कार्यकर्ताओं की अनुशासनहीनता पर उन्होंने स्पष्ट किया कि पद की दौड़ में पार्टी कार्यकर्ताओं का प्रयोग करने वाले नेता यह याद रखें कि पार्टी मजबूत होगी तो पद सृजित होंगे। अगर पार्टी आपसी द्वेषों के चलते कमजोर होगी तो नुकसान पार्टी का होगा और पद की दौड़ में लगे लोगों को घर बैठना पड़ेगा। पार्टी कार्यकर्ता पार्टी की रीड हैं। अत: पद की लालसा में अपने हित के लिए कार्यकर्ताओं का प्रयोग पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित होता है। देश राज ने कहा कि पूर्व में हमीरपुर में पार्टी की हुई दुर्गति ऐसी ही स्वार्थी सोच का परिणाम व प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के गृह जिला में अगर जनादेश के मामलों में कुछ विधानसभा क्षेत्रों में दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी अगर तीसरे नंबर पर जा पहुंची है तो दोष कार्यकर्ताओं में नहीं नेताओं की स्वार्थी सोच व कार्यकर्ताओं के प्रति सत्ता अंहकार में उनका उपेक्षित व्यवहार झलक रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में हमीरपुर जिला को ही नहीं बल्कि समूचे हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में एक बार फिर प्रचंड जनादेश का कीर्तिमान स्थापित व साबित करने की चुनौती है। इस चुनौती से पार पाना कार्यकर्ताओं की ही नहीं बल्कि उन नेताओं की भी सामुहिक जिम्मेदारी है जो पद की लालसा में पार्टी के झंडाबरदार बनने की प्रबल इच्छा पाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी व अनुशासन प्रिय पार्टी में स्वार्थी सोच के कारण अनुशासनहीनता न हो इस बात का ध्यान रखना नेताओं व कार्यकर्ताओं की सामुहिक जिम्मेदारी है। देश राज ने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा है कि कार्यकर्ता स्वार्थी सोच को अपने ऊपर हावी न होने दें और मिलजुल कर पार्टी की मजबूती के लिए काम करें।






