- हाई कनेक्टिविटी का हब बना हमीरपुर संसदीय क्षेत्र
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सह प्रभारी एवं प्रदेश सचिव सुमित शर्मा व प्रदेश प्रवक्ता महेंदर धर्माणी ने संयुक्त रूप से प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि पिछले चंद सालों में ही हमीरपुर संसदीय क्षेत्र सड़कों को लेकर हाई कनेक्टिविटी का हब बन गया है फिर चाहे बात फोर लेन की हो या फिर नेशनल हाईवे की कोने-कोने से तीन जिलों को आपस में जोडऩे का काम मोदी सरकार में बतौर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के कार्यकाल में हुआ है सड़कों की इस बेहतर कनेक्टिविटी का ही नतीजा है कि आज लोग लंबे सफर को चंद घंटे में ही पूरा करके मंजिल तक पहुंच रहे हैं। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लिए 25 नेशनल हाईवे मंजूर किए गए हैं। हमीरपुर प्रदेश का पहला ऐसा जिला होगा जहां महानगरों की तरह रिंग रोड बनेंगे लगभग 10,000 करोड़ की लागत से किरतपुर नेर चौक फोर लेन रोड बन गया है। करीब 33 करोड़ की लागत है हमीरपुर बाईपास का काम हुआ है। 1200 करोड़ की लागत से हमीरपुर धरमपुर मंडी हाईवे तैयार हुआ है। 1334 करोड़ की लागत से हमीरपुर मंडी नैशनल हाइवे 70 के चौड़ीकरण का काम जोरों पर है। 75 करोड़ की लागत से घुमारवीं से सरकाघाट की सड़क बनाई गई है। गगरेट चूरू रोड पर स्वां नदी पर करीब 44 करोड़ की लागत से पुल बनाया गया है। 871 करोड़ की लागत से लठियानी मंदली पुल बन रहा है। 900 करोड़ की लागत से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 910 किलोमीटर सड़क बनाई गई है। 100 करोड़ की लागत से अब से नादौन तक नेशनल हाईवे को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है। धर्मशाला, नादौन, बिलासपुर और ऊना में क्रिकेट स्टेडियम बनाए गए हैं हमीरपुर में नेशनल स्पोर्ट्स सेंटर आफ एक्सीलेंस खोला गया है जिसमें देशभर से बच्चे आ रहे हैं। हर जिला में खेलो इंडिया सेंटर खोले गए हैं 70 क्रिकेट सेंटर्स इस संसदीय क्षेत्र में शुरू किए गए हैं। करीब 8 करोड़ की लागत से बिलासपुर में सिंथेटिक ट्रैक और स्विमिंग पूल बनाया गया है जबकि 12 करोड़ की लागत से हमीरपुर में सिंथेटिक ट्रैक और इंदौर स्टेडियम बनाया गया है। हमीरपुर बिलासपुर और उन मेंं सीएनजी और घर-घर तक गैस पाइपलाइन से पहुंचने का काम किया जा रहा है। हरोली में 3 करोड़ की लागत से फुटबॉल टर्फ बन रहा है।





