- बड़सर भाजपा में विभीषण बने एक नेता पर चलेगा हाईकमान का डंडा
- पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम करने वाले बड़सर के नेता सहित सुजानपुर के 12 पदाधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट पंहुची हाईकमान के पास
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश के उपचुनावों मे भाजपा के भीतर बने विभीषणों पर अब पार्टी हाईकमान का डंडा चलना तय माना जा रहा है। विधानसभा उपचुनावों मे पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने वाले संगठन के कुछ पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की सूची हाईकमान को भेजी गई है। इसी कड़ी में हमीरपुर जिला की दो विधानसभाओं सुजानपुर व बड़सर के कुल 12 पदाधिकारियों व एक प्रमुख नेता का नाम शामिल बताया जा रहा है। हालांकि सुजानपुर में भाजपा प्रत्याशी राजेन्द्र राणा के खिलाफ भीतरघात करने वाली एक भाजपा महिला पदाधिकारी पर अभी चार दिन पहले ही हाईकमान की गाज गिरी थी, इस दौरान रडार पर चल रहे कुछ कार्यकर्ताओं को भी पार्टी ने चेतावनी देकर चेताया था। बावजूद इसके संगठन के कुछ पदाधिकारी अपनी ही पार्टी की मुखालत करते हुए भीतरघात को अंजाम देने से बाज नहीं आ रहे हैं जिनकी रिपोर्ट हाईकमान को दी गई है। पार्टी ऐसे भीतरघातियों के प्रति गंभीर रुख अपनाये हुए है और जल्द ही कार्रवाई कर सकती है। वहीं दूसरी तरफ बड़सर विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस से तीन बार विधायक रहे इंद्रदत्त लखनपाल को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। लखनपाल की भाजपा मे एंट्री के बाद से ही कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह व जोश है लेकिन बताया जा रहा है कि भाजपा का एक प्रमुख नेता जिसे पार्टी ने एक नहीं छह बार टिकट दिया, उक्त नेता ही पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ फील्ड में काम को अंजाम दे रहा है इसकी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी गई है। हमीरपुर के एक बंद कमरे में हुई बैठक को उक्त नेता ने जिस अंदाज में सार्वजनिक किया उसकी भी वीडियो सहित रिपोर्ट हाईकमान के पास पंहुच चुकी है। ऐसे में अब भाजपा हाईकमान ऐसे नेता पर एक दो दिन मे बड़ी कार्रवाई कर सकती है। सूत्र बताते हैं कि बड़सर भाजपा के इस नेता द्वारा एक वीडियो जारी कर भाजपा के दिग्गज नेताओं पर बड़े व कड़े शब्दों का जिस तरह प्रयोग किया गया और कर्मठ कार्यकर्ताओं, कर्मचारियों को जिस लिहाज से एक वोट पीएम एक वोट सीएम के संदेश दिए जा रहा है उन तमाम गतिविधियों पर नजर गढ़ाये बैठी पार्टी ने चेतावनी के बाबजूद न मानने वाले उक्त नेता की रिपोर्ट अब शिमला से होते हुए दिल्ली तक पंहुचा दी है, जिस पर पार्टी हाईकमान एक दो दिन में ही सख्त कारवाई करते हुए अनुसाशन का पाठ पढ़ा सकती है। दरअसल हिमाचल में भाजपा ने ऑपरेशन लोट्स के इरादे से कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं को टिकट देकर चुनाव में उतारा है जिसके चलते पुराने कुछ नेताओं व पदाधिकारियों को भाजपा के ये प्रत्याशी रास नहीं आ रहे हैं। भाजपा के कुछ नेता अपनी सियासी जमीन खिसकती देख अब पार्टी के निर्णय के खिलाफ जा कर खुद को पार्टी से बड़ा मान चुके हैं। यही कारण भी है कि जनता के बीच अपना बजूद खो चुके इन मतलब परस्त नेताओं को अब पार्टी भी कोई स्थान देना नहीं चाहती है।
मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि बड़सर से कोई रिपोर्ट हाईकमान को गई है। इसके बारे में पार्टी के बड़े पदाधिकारी ही कुछ बता सकते हैं। मंडलाध्यक्ष होने के नाते हमें जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरी ईमानदारी व निष्ठा से निभाया जा रहा है।
यशवीर पटियाल,
भाजपा मंडल अध्यक्ष बड़सर।





