- कहा- जो अपने जिला के विधायकों को ही नहीं संभाल पाया वह जनता को क्या संभालेगा
- जनता के पैसे को मित्रों पर लुटाने वाली सरकार 4 जून को होगी सत्ता से बाहर
आवाज हिमाचल। बड़सर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू यदि इतने ही जनता हितैशी हैं तो उनकी सरकार 14 महीनो में ही वेंटीलेटर पर क्यों आ पड़ी है, जिस मुखिया से अपने कुनबे व जिला के विधायक ही नहीं संभालें गए उसे अब कुर्सी बचाने के लिए सभी चोर ही नजर आ रहे हैं। यह बात भाजपा प्रत्यधि इंद्रदत्त लखनपाल ने बुधवार को क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान कही। इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन समारोह में मुख्यमंत्री ने जिस तरह की ब्यानवाजी उनके ऊपर की है उससे साफ जाहिर हो गया कि कुर्सी जाने की उन्हें कितनी बखौलहट हो चुकी है। उन्होंने कहा यदि उन्हें 40 साल पार्टी की सेवा करते हो गए तो मैंने अपनी जमीन घर व द्वार बेचकर 42 साल पार्टी को दिए हैं। यदि आप इतने ही पार्टी हितैशी रहे हैं तो कांग्रेस के विधायकों को जलील कर अपमानित क्यों किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केवल तानाशाह हैं और 14 माह के कार्यकाल मे केवल अपनी मित्र मंडली की सरकार चलाई है। जनता की आवाज उठाने वाले विधायकों को जलील किया गया जबकि कैबिनेट रेंक दिए मित्रों पर, आंखे मूंद जनता का पैसा लुटाया जा रहा है। जब किसी ने जनता के मुद्दों की बात की तो बजट न होने के रोने के सिवाए कुछ नहीं किया। अब जब उप चुनाव में हार सामने दिख रही है तो मुख्यमंत्री बड़सर के हितैशी बनना चाह रहे हैं यदि चार माह पहले ही बड़सर के विकास व जनता की फि़क्र की होती तो आज ऐसी नौबत कभी नहीं आती। लखनपाल बोले हमने पार्टी नहीं छोड़ी मुख्यमंत्री ने हमें पहले मजबूर किया और फिर पार्टी से निकलवाया अब यदि भाजपा ने हमें सहारा देकर चुनाव मे उतारा है तो मुख्यमंत्री को अपने सिवाए सब बिकाऊ नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री का यह ब्यान बड़ा ही शर्मशार करने वाला है कि लखनपाल को लूटो और कांग्रेस को वोट दो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को शायद यह जानकारी नहीं है कि बड़सर की जनता ही मेरा बल है और इसका प्यार व आशीर्वाद मेरा धन, बड़सर का बच्चा बच्चा जानता है कि मैंने राजनीति से क्या कमाया और खोया है। तानाशाह मुख्यमंत्री को 4 जून को जनता से किए झूठे वायदे सता से बाहर करेंगे क्योंकि जनता सब जानती है कि कौन जनता का हितैशी है और कौन अपने मित्रों का।





