आवाज हिमाचल। हमीरपुर
उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास कमेटी को भंग कर दिया गया हैं! चैत्र मेलों से एक दिन पहले असंतुष्ट विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के वागी तेवरों पर सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया हैं! मंदिर न्यास कमेटी मे इंद्रदत्त लखनपाल के अधिकांश लोगों को तहजीह दी गई थी! सरकार ने अब आंशिक तौर पर बनाए गए अनावश्यक न्यासियों की इस फ़ौज को हटा दिया हैं जिससे बड़सर मे खलबली मच गई हैं! ! दीगर हैं कि राज्यसभा सांसद के चुनावों मे क्रास वोटिंग करने बाले 6 वागी विधायकों मे बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल भी शामिल थे ! यहीं कारण हैं कि बड़सर मे अब इंद्रदत्त के समर्थकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा था! सरकार ने कारवाई करते हुए सबसे पहले बाबा बालक नाथ ट्रस्ट मे ट्रस्टि बने इंद्रदत्त लखनपाल के समर्थकों को बाहर का रास्ता दिखाया हैं! हालाँकि इसकी अभी कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई हैं लेकिन सरकारी अधिकारी सूत्रों ने खुलासा किया हैं कि बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट भंग हो चूका हैं इसकी अधिसूचना देर रात या फिर वीरवार को जारी हो सकती हैं! बतादें कि 14 मार्च से बाबा जी के चैत्र मेले शुरू होने बाले हैं लेकिन एक दिन पहले यह बड़ी कारवाई सरकार की तरफ से हुई हैं! सरकार की इस कारवाई से जहां एक तरफ इंद्र के विरोधियों के चेहरे खिल उठे हैं वही दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं मे सुमार इंद्र के समर्थकों के चेहरों पर नाराजगी की झलक देखी जा सकती हैं! ऐसे मे यह कहना ग़लत नहीं होगा कि सरकार और वागी विधायकों की इस सियासी लड़ाई मे दोनों तरफ अगर कोई पिसा हैं तो वह केवल बड़सर कांग्रेस का कार्यकर्ता हैं!





