उल्टी दस्त की चपेट मे आने से 300 मरीज पंहुचे अस्पताल
जलशक्ति विभाग ने भरे पानी के सैंपल
स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बांट रहा दवाइयां, लेकिन डायरिया की पुष्टि से कर रहा इन्कार
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
हमीरपुर जिला के टौणी देवी क्षेत्र में डायरिया की चपेट में आने से अब तक 300 लोग अस्पताल पंहुच चुके हैं। तीन दिन पहले हल्के उल्टी दस्त के मरीज आने के बाद अब 15 लोगों को सिविल अस्पताल मे गंभीरता के चलते भर्ती किया गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग क्षेत्र मे बढ़े उल्टी दस्त के मरीजों को डायरिया फैलने की बात से इनकार कर रहा है लेकिन एक साथ आधा दर्जन गांवों के लोग इसकी चपेट मे आ चुके हैं और मात्र 3 दिनों मे मरीजों का आंकड़ा भी 300 पार कर चुका है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग का यह ब्यान कितना तर्क संगत है यह कहना मुश्किल है लेकिन दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग इस बात का भी दावा कर रहा है कि अब स्थिति को कंट्रोल कर लिया गया है। टौणी देवी क्षेत्र के तहत आने वाले ग्वारडु, लोहखर, चाहड, टपरे, बारीं, घलोट, सिसवा, झन्निकर, खंदेहड़ा इत्यादि गांवों मे डायरिया के मरीज सामने आए हैं। इसकी सूचना मिलते ही जलशक्ति विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डायरिया से प्रभावित गांवों मे पंहुचकर मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को जलशक्ति विभाग ने प्राकृतिक जल स्त्रोतों सहित बारीं में स्थित पेयजल टैंको से सैंपल लिए हैं, जलशक्ति विभाग अब तक 6 सैंपल भर चुका है उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी फिलहाल इससे निपटने के लिए जल स्त्रोतों मे ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अलग अलग टीमें गठित कर गांवों मे भेजी हैं जो लोगों का चैकअप कर उन्हें दबाइयां वितरित कर रही हैं। क्षेत्र में उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या एक साथ इतनी क्यों बढ़ी है इसका पता रिपोर्ट आने के बाद ही चल पायेगा लेकिन वर्तमान में हालात सामान्य नहीं हैं और रोजाना पीडि़त लोग सरकारी व निजी अस्पतालों में भारी संख्या मे इलाज के लिए पंहुच रहे है जो कि चिंताजनक है।
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क्षेत्र के पेयजल टैंको व प्राकृतिक जल स्त्रोतों के सैंपल लिए गए है जिन्हे टेस्टिंग के लिए भेज दिया गया है। वास्तविक स्थिति रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगी। सभी पेयजल स्त्रोतों मे दवाई का छिड़काब भी किया गया है।
नितिन भारद्वाज
कनिष्ठ अभियंता, जलशक्ति विभाग बारीं।
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टौनी देवी क्षेत्र में उल्टी दस्त के मरीज सामने आए है लेकिन इसे डायरिया फैलना नहीं माना जा सकता क्योंकि मरीजों की संख्या कम है। प्रभावित गांवो में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजी गई हैं जो प्रभावित लोगों को उपचार के साथ दवाइयां भी वितरित कर रही है। स्थिति को कंट्रोल कर लिया गया है।
डॉ. अवनीत शर्मा,
खंड चिकत्सा अधिकारी टौणी देवी।





