- टैक्स मुक्त किया जाए डीए, वेतन आयोग एरियर
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश सरकार कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते के 50 प्रतिशत होने पर बेसिक वेतन में इसे मर्ज करे। केंद्रीय सरकार नियमावली 2016 के अनुसार वेतन आयोग के तहत जब मंहगाई भत्ता 50 प्रतिशत हो जाएगा तो इसे मूल वेतन में समाहित किया जाएगा यानि कर्मचारी का मूल वेतन 50 प्रतिशत बढ़ेगा और डीए शून्य हो जाएगा। हरियाणा में भी इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। केंद्र सरकार भी ऐसा करने जा रही है। अब 4 प्रतिशत डीए मिलते ही कुल डीए 50 प्रतिशत हो जाएगा। ऐसे में प्रदेश के कर्मचारियों को भी बेसिक पे में डीए मर्ज करने का लाभ आपेक्षित है। यह मांग प्रदेश मुख्यमंत्री और प्रधान वित्त सचिव को प्रेषित मांग – पत्र में राजकीय टीजीटी कला संघ ने उठाई है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और महासचिव विजय हीर ने कहा कि प्रदेश में अगले माह लंबित डीए भुगतान 16 प्रतिशत हो जाएगा। केंद्र की तर्ज पर सरकार को बेसिक वेतन में डीए जोडऩा चाहिए। वेतन आयोग का एरियर 8 साल से नहीं मिला और 8 साल में कोई भी राशि बैंक में डबल हो जाती है। कर्मचारियों के देय एरियर पर जब सरकार ब्याज नहीं दे सकती तो उस राशि के भुगतान को टैक्स मुक्त किया जाए। ऐसा भी लंबित डीए भुगतान हेतु भी किया जाए क्योंकि कर्मचारी लंबित वेतन आयोग एरियर और डीए एरियर की राशि मिलने पर भी उस पूरी राशि पर एक वित्त सत्र में दस से लेकर तीस प्रतिशत टैक्स भर रहे हैं जबकि यह राशि पिछले वित्त वर्षों की है जिस समय अगर ये भुगतान समय पर होता तो उनको इतना अधिक टैक्स नहीं देना पड़ता। इतनी अवधि का ब्याज भी शून्य किया जा रहा है जबकि समय पर यह राशि जीपीएफ में जमा करते तो इसका ब्याज भी कर्मचारी को मिलना था। इस तरह ब्याज नुकसान के साथ साथ अधिक टैक्स का भुगतान इनको करना पड़ रहा है। संघ के मुख्यमंत्री से अपील की है कि वर्ष 2026 के वेतन आयोग के मद्देनजर अब बेसिक में मंहगाई भत्ता जोड़ा जाए ताकि नए वेतन आयोग के विलंब का और अधिक नुकसान कर्मचारियों को नहीं झेलना पड़े।





