- पत्र सोशल मीडिया पर किया वायरल
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
हिमाचल कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सुजानपुर के विधायक राजेन्द्र राणा के अपनी ही सरकार के प्रति कड़े तेवरों से प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का माहौल गर्म है। विधायक राणा सरकार के प्रति लगातार कड़े तेवर अपनाये हुए हैं और सरकार को किसी भी मौके पर घेरने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। लोकसभा चुनावों से पहले अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर हुए विधायक राणा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुखू को विधानसभा चुनावों के दौरान प्रदेश के युवाओं से किए गए वायदे की याद दिलाते हुए पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजने के साथ ही राणा ने इसे सोशल मीडिया पर भी वायरल किया है। विधायक राणा के वायरल इस पत्र से जहाँ प्रदेश मे चर्चाओं का महौल गर्म हुआ है वही इस पत्र के माध्यम से विधायक राणा ने एक बार फिर अपनी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री को भेजे गए व सोशल मीडिया पर वायरल विधायक राजेन्द्र राणा के इस पत्र मे प्रदेश के युवाओं को नौकरी नहीं मिलने, भंग किए गए हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को बहाल करने, भर्ती परीक्षाओं के लटके परिणामों को घोषित करने, करुणामुल्क कोटे से प्रदेश के युवाओं के लिए नौकरियों का प्रबंध करने व लोगों के बीच किए गए वायदों को पूरा करने की तरफ ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है। पत्र में राणा ने कहा है कि लंबे समय से भर्तीयों के परिणाम रुक होने से हजारों युवा परेशान है बेसब्री से रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं युवा इस बात से चिंतित है की आयु सीमा लागू होने के कारण केंद्र सरकारी नौकरी के लिए वह आपत्र ना हो जाएं। उन्होंने लटके हुए रिजल्ट घोषित करने का आग्रह किया है विधायक ने होली महोत्सव में की गई घोषणाओं को भी इस पत्र में मुख्यमंत्री को याद दिलाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं जो भी होती हैं वह पक्की घोषणाएं होती हैं, मगर बीते साल मुख्यमंत्री ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में जो मंच के ऊपर से घोषणा की थी वह अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने टौणी देवी में डिग्री कॉलेज खोलने, सुजानपुर अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरो की भर्ती करने की मांग भी इस पत्र में उठाई है। उन्होंने कहा कि वह अपने लिए कुछ नहीं मांग रहे हैं। प्रदेश के युवा और सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए वह हमेशा मांग उठाते रहेंगे भले ही उनके यह पत्र सरकार को सही लगे या ना लगे। विधायक ने अपने पत्र में जल शक्ति विभाग और विद्युत विभाग का डिवीजन फिर से खोलने की मांग भी की है सुजानपुर में बस अड्डे का निर्माण डिग्री कॉलेज में अंग्रेजी और अर्थशास्त्र विषय की कक्षाएं शुरू करने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि तमाम मांगे मुख्यमंत्री ने होली मेले के दौरान पूरी करने की घोषणा की थी लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। दीगर है कि प्रदेश मे व्यवस्था परिवर्तन का नारा देने वाली सुख सरकार के कुछ एक विधायक सरकार बनने के बाद से ही लगातार आक्रमक बने हुए हैं। कभी धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, तो कभी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह पहले ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे हैं। इसी बीच विधायक राजेन्द्र राणा के कड़े तेवर भी सुख सरकार के लिए अब चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।





