- कहा- धर्म के नाम पर देश को बांटने का प्रयास निदंनीय
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता प्रेम कौशल ने हमीरपुर में प्रेस वार्ता का आयोजन कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रेम कौशल ने इस दौरान मीडिया से कहा कि महात्मा गांधी ने अपना पूरा जीवन देश की आजादी के लिए समर्पित कर दिया। अहिंसा के पुजारी को पूरा देश राष्ट्रपिता के नाम से मानता है उनके आदर्श, देश के लिए दी गई कुर्बानियों व उनके द्वारा बताये गए रास्ते पर चलकर आज देश यहां तक पंहुचा लेकिन ज़ब से केंद्र मे भाजपा की सरकार बनी है तब से भाजपा के नेताओं ने देश को विकास के रास्ते से हटाकर हिंसा का रास्ता अपनाते हुए धर्म मे बांटने की ओर लाकर खड़ा कर दिया है। प्रेम कौशल बोले कोई भी पार्टी सरकार बनाने के लिए अपनी देश व देशवासियों के प्रति किए गए उत्कृष्ट कार्यों, विकास व उपलब्धियों पर वोट मांगती है लेकिन केंद्र मे बैठी सरकार भारतीय संस्कृति, सभ्यता व लोकतंत्र का हरण कर धर्म के नाम पर वोट मांग कर देश की प्रतिष्ठा को ठेस पंहुचा रही है। उन्होंने कहा कि भगवान राम हर भारतीय के है लेकिन भाजपा लोगों को यह बतलाना चाहती है कि प्रधानमंत्री मोदी भगवान राम को कलयुग मे लेकर आए हैं। वह खुद को राम निर्माता मानकर लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। वोट के लिए केंद्र की भाजपा सरकार देश मे धर्म के नाम पर हिंसा का महौल तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही भाजपा के नेता बड़े बड़े मंचो से जनता से झूठे वायदे करते है धर्म के नाम पर भाषण देते है लेकिन देश के विकास के नाम पर एक शब्द नहीं बोलते। ज़ब चुनाव आते हैं तो लोगों का विकास, आम समस्याओं, जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाकर धर्म की राजनीति पर उतारू हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा इतनी ही धर्मिक है तो भगवान के नाम धर्म के नाम पर वोट मांगने के शिवाय देश के विकास के नाम पर वोट क्यों नहीं मांगती है। प्रेम कौशल ने बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार पर बोलते हुए कहा कि उनके जैसा दलबदलू नेता हमने आज दिन तक नहीं देखा, नितीश कुमार मुख्यमंत्री बनने के लिए हर बार मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देते है। मुख्यमंत्री रहते पहले नितीश कुमार व भाजपा के नेताओं ने एक दूसरे के प्रति क्या क्या नहीं बोला,अब उसी भाजपा के लिए सरकार गिराकर मुख्यमंत्री बने हैं। नेताओं का आए दिन दलबदलू होना लोकतंत्र की हत्या के समान है इस पर पूरी तरह रोक लगना जरूरी है।





