- शिमला जिले में टीजीटी शिक्षकों के 522 पद रिक्त
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में टीजीटी यानि प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों के 984 पद रिक्त पड़े हैं । टीजीटी कैडर के 16614 वर्तमान पदों में से टीजीटी कला के 676, टीजीटी नॉन-मेडिकल के 688 और टीजीटी मेडिकल के 380 पद रिक्त हैं । इन रिक्त 1744 टीजीटी पदों को भर्ती और पदोन्नति से शीघ्र भरने की मांग टीजीटी कला संघ ने प्रदेश सरकार से की है । संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने बताया कि प्रदेश में टीजीटी कला के 8442 स्वीकृत पदों में से 7766 पद भरे हुए हैं । टीजीटी कला के जिलावार स्वीकृत एवं भरे गए पदों में बिलासपुर जिला में 479 में से 477 पद, चंबा में 820 में से 709, हमीरपुर में 488 में से 487, कांगड़ा के 1530 में से 1484, किन्नौर के 134 में से 119, कुल्लू के 490 में से 443, लाहौल -स्पीति में 108 में से 89, मंडी जिला के 1342 में से 1320, शिमला जिला के 1148 में से 945, सिरमौर के 763 में से 655, सोलन के 597 में से 527 और ऊना जिला के 543 में से 511 पद भरे हुए हैं । इस समय शिमला जिले में 203, चंबा में 111, सिरमौर में 108, सोलन में 70, कुल्लू में 47 , किन्नौर में 15, लाहौल-स्पीति में 19, मंडी जिला में 22, कांगड़ा में 15, ऊना में 32, बिलासपुर में 2 टीजीटी कला पद रिक्त हैं जो प्रमोशन और कमीशन भर्ती से भरे जाने हैं । टीजीटी नॉन-मेडिकल के स्वीकृत कुल 5102 पदों में से कुल 688 पद रिक्त हैं । इस समय शिमला जिले में 204, चंबा में 120, सिरमौर में 172, सोलन में 38, कुल्लू में 19 , किन्नौर में 40, लाहौल-स्पीति में 38, मंडी जिला में 25, कांगड़ा में 1 पद रिक्त हैं । टीजीटी मेडिकल के स्वीकृत 3070 पदों में से कुल 380 पद रिक्त हैं । इस समय शिमला जिले में 115, चंबा में 74, सिरमौर में 105, सोलन में 8, कुल्लू में 35, किन्नौर में 15, लाहौल-स्पीति में 6, मंडी जिला में 10 पद रिक्त हैं । जिलावर टीजीटी कला , मेडिकल और नॉन-मेडिकल की संयुक्त रूप से कुल रिक्तियाँ बिलासपुर में 2, चंबा में 305, हमीरपुर में 1, कांगड़ा में 43, किन्नौर में 70, कुल्लू में 135, लाहौल-स्पीति में 63, मंडी में 57, शिमला में 522, सिरमौर में 385, सोलन में 116 और ऊना जिला में 32 पद मिलाकर कुल 1744 पद रिक्त हैं । इस तरह प्रदेश की राजधानी में टीजीटी शिक्षकों के सर्वाधिक पद रिक्त हैं और कुल रिक्त 1744 पदों में से 522 यानि 30 प्रतिशत पद अकेले शिमला जिला में हैं । शिमला के समान बड़े जिले कांगड़ा और मंडी में नाममात्र पद रिक्त हैं और बिलासपुर ,सोलन, ऊना में भी गिने-चुने पद रिक्त हैं । हीर ने कहा कि टीजीटी शिक्षकों की रिक्तियों को प्रदेश सरकार द्वारा शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर भरना चाहिए और बैच आधारित नियुक्तियों की सूची शीघ्र जारी करनी चाहिए जबकि जेबीटी से टीजीटी पदोन्नति कोटे से भी शीघ्र प्रमोशन करते हुए रिक्त पदों को भरना आपेक्षित है।
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