- ट्रक चलकों के वाहन चलाने के इन्कार के बाद, पैट्रोल डीजल की जिला भर में बढ़ी किल्लत
- अति आवश्यक वस्तुओं का परिवहन प्रभावित, लोग परेशान
आवाज हिमाचल। हमीरपुर
हिट एंड रन मामले मे क़ानून के नए प्रावधानों के विरोध मे तमाम राज्यों मे ट्रक चालकों ने वाहन चलाने से इनकार कर दिया है, जिसके परिणाम स्वरूप पैट्रोल डीजल जैसी आवश्यक वस्तुओं को परिवहन भी प्रभावित हुआ है। कई राज्यों में पैट्रोल डीजल की आपूर्ति न होने के चलते पम्प ड्राई हो चुके है। पहली जनवरी को जैसे ही ट्रको के पहिये रुके वैसे ही पैट्रोल पंपो पर वाहनों की भीड़ जुटना शुरू हो गई शाम होते होते पैट्रोल पंप ड्राई हो गए। ट्रक चालकों द्वारा नए क़ानून के विरोध मे देश भर में किए जा रहे विरोध के बाद हिमाचल प्रदेश मे भी इसका खासा असर देखने को मिल रहा है। हिमाचल के जिला हमीरपुर मे पैट्रोल डीजल पर्याप्त न होने के चलते निजी बसों के पहिये भी रुक गए है जिससे रोजाना अपने गंतव्य की ओर आने जाने बाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना पड़ रहा है। सरकारी कर्मचारी, निजी क्षेत्र में नौकरी करने वाले लोगों सहित अन्य लोगों को बसें न चलने से खासी परेशानी उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें अपने निर्धारित रुटों पर चली हैं लेकिन परिवहन डिपुओं के पास भी पैट्रोल डीजल का इतना स्टॉक नहीं है कि वह बसों को अगले एक दो दिन से ज्यादा समय तक सड़कों पर दौड़ा सकें। यही नहीं रोजाना इस्तेमाल होने वाली अति आवश्यक चीजों के परिवहन पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। फल फ्रूट, सब्जी, दूध सहित अन्य जरूरी बस्तुओं की सप्लाई न होने के चलते जरूरी वस्तुएं बाजारों से धीरे-धीरे गायब होने लगी हैं। ट्रक चालकों के वाहन चलाने के इन्कार का सीधा असर अब आम लोगों पर प्रभाव डालने लगा है।
संसद में पारित और क़ानून बनी भारतीय संहिता मे हिट एंड रन के मामलों मे लापरवाही से मौत में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इस क़ानून के मुताबिक यदि हिट एंड रन मामले मे चालक पुलिस या मैजिस्ट्रेट को बिना सूचना भाग जाता है तो उसे 10 साल की कैद व 7 लाख जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यह क़ानून दो पहिया वाहन, कार, बस, ट्रक सहित अन्य बड़ी गाडिय़ों पर लागू होगा, जिसके विरोध में ट्रक चालकों ने वाहन चलाने से इन्कार कर दिया है और अपनी गाडिय़ों को खड़ा कर दिया है।





